Bihar Land Registry Update 2025: अगस्त से लागू होगा नया नियम, अब अधिकारी करेंगे घर-घर रजिस्ट्री

Published On: August 29, 2025
Bihar Land Registry

बिहार सरकार ने राज्य के लोगों के लिए जमीन से जुड़ी सेवाओं को और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 16 अगस्त से पूरे राज्य में जमीन की रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया में नया नियम लागू किया गया है। अब लोगों को अपनी जमीन का नाम चढ़वाने या रजिस्ट्री कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।

नई व्यवस्था के तहत अब अधिकारी घर-घर पहुंचकर जमीन की रजिस्ट्री और नामांकन की प्रक्रिया पूरी करेंगे। यानी जो जमीन आपके नाम पर चढ़वानी है, उसकी सारी औपचारिकताएं आपके घर बैठकर संपन्न होंगी। यह कदम राज्य सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसके जरिए आम जनता को पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक सेवा देने का लक्ष्य रखा गया है।

इस नियम के लागू होने के बाद लोगों को समय, पैसा और मेहनत तीनों की बचत होगी। खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग, जिन्हें पहले जिला मुख्यालय या प्रखंड कार्यालय तक बार-बार जाना पड़ता था, अब आसानी से अपने गांव और घर से ही इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

Bihar Land Registry Update

अब तक जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए लोगों को रजिस्ट्रार ऑफिस या संबंधित विभाग में जाकर पूरी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। इस दौरान कई बार दलालों और बिचौलियों की समस्या खड़ी हो जाती थी। साथ ही कागजी प्रक्रिया भी लंबी होती थी।

लेकिन 16 अगस्त से लागू होने वाले नए नियम के अनुरूप अधिकारियों को सीधे घर-घर जाकर लोगों की जमीन की जांच और पंजीकरण करने की जिम्मेदारी मिलेगी। अधिकारी जमीन से जुड़े जरूरी कागजों को देखकर सत्यापन करेंगे और फिर उसका रजिस्ट्रेशन सीधे डिजिटल सिस्टम में दर्ज करेंगे।

इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

योजना का उद्देश्य

इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य है—लोगों को सेवाएं उनके घर तक पहुँचाना। इससे उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जिन्हें प्रशासनिक दफ्तरों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। सरकार ने इस योजना को “डोर-टू-डोर जमीन नामांकन सेवा” का रूप दिया है।

साथ ही इससे सरकारी विभागों के कामकाज में तेजी आएगी। पहले जहां जमीन का नामांतरण और रजिस्ट्री पूरी करने में हफ्तों या महीनों का समय लग जाता था, वहीं अब यह काम कुछ ही दिनों में पूरा हो सकेगा।

प्रक्रिया कैसे होगी

अधिकारियों की एक टीम गांव और मोहल्लों में जाकर लोगों को इस नई सुविधा की जानकारी देगी। इच्छुक लोग अपने जरूरी कागज जैसे खाता-खतियान, जमीन खरीदी के कागजात, पहचान पत्र आदि तैयार रखेंगे। अधिकारी घर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच करेंगे और डिजिटल रजिस्ट्री सिस्टम में पूरी जानकारी दर्ज करेंगे।

ज़रूरी होने पर लोगों को मौके पर ही रसीद और रजिस्ट्री का कॉपी उपलब्ध कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने आधुनिक तकनीक जैसे टैबलेट और लैपटॉप का उपयोग कराने का निर्णय लिया है।

जनता को होने वाले फायदे

सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब लोगों को सरकारी दफ्तरों में लंबी लाइनें और चक्कर लगाने से राहत मिल जाएगी। ग्रामीण लोग समय पर अपनी जमीन का नाम चढ़वा पाएंगे और किसी भी विवाद की स्थिति से बचा जा सकेगा।

इसके अलावा भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर भी रोक लगेगी। पहले कई बार जमीन रजिस्ट्री के नाम पर लोग बिचौलियों के जाल में फंस जाते थे, लेकिन इस नई प्रणाली से उनकी भूमिका खत्म हो जाएगी।

यह कदम डिजिटलीकरण की दिशा में एक और ठोस प्रयास है। सरकार चाहती है कि आने वाले समय में बिहार के हर नागरिक को घर बैठे जमीन से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

सरकार की तैयारी और लक्ष्य

इस योजना को सफल बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। उन्हें सिखाया गया है कि किस तरह दस्तावेजों की जांच करनी है और किस प्रकार डिजिटल प्रणाली में जानकारी दर्ज करनी है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम पूरे राज्य में एक साथ लागू किया जा रहा है। आने वाले समय में यदि इस प्रक्रिया में कोई दिक्कत आती है तो उसे तुरंत दुरुस्त करने का भी इंतजाम किया गया है।

निष्कर्ष

बिहार में 16 अगस्त से लागू हुई नई नियमावली जमीन रजिस्ट्री और नामांकन की प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने वाला कदम है। घर-घर जाकर अधिकारियों द्वारा रजिस्ट्री की सुविधा ग्रामीण और शहरी दोनों ही वर्गों के लिए बड़ी राहत होगी।

यह प्रणाली भ्रष्टाचार रोकने, समय बचाने और लोगों को सुविधा देने की दिशा में सरकार की एक सकारात्मक पहल है। आने वाले समय में यह नियम बिहार की जमीन व्यवस्था को और अधिक सुगम और भरोसेमंद बनाएगा।

Leave a comment

Join Whatsapp